समाजिक परिवर्तन

परिवर्तन एक निरंतर सम नही रह सकता है, एसा ही हमे आज की वर्तमान परिवेश पर देखने को मिल रहा हैं ।।।

समाज हम सब को मिलकर रहने की सीख देता है, मनुष्य समाजिक प्राणी है जीना, रहन सहन, जीवन के सारे काम समाज के अधीन मिलकर करना पड़ता है ।

देखा गया है कि समाज पर भी आधुनिक बदलाव हुआ है ।।।

जिसके कारण रहन सहन जीने की सीख सब बदल गया है ।।।

सामाजिक परिवर्तन

हम सब समाज के अधीन अपने जीवन का निर्वाह करते है, समाज के बाहरी, एवं आंतरिक सोच एवं तरह की निति,परंपरा जो कि असमानता दोष उतपनन कराती है, उसे परिवर्तन बदलने की आवश्यकता है, जिससे समाज के सोच और विकास पर जौर के कारण हम पिछड रहे है।।।।@@@@@@@ समाज, पर मतभेद नही रहेगा तो समाज का पून विकास होगा, तब जाकर हम अच्छे समाज बनाने पर काम करन सकेंगे ।।।

बहुत बधाई

अाज विश्व महिला दिवस है, विश्व पर अगले समय पर

महिला की संख्या पर बहुत कमी आ जाएगी, जिसकी मूल कारण कन्या भ्रूण हत्या, लोगो और समाज को जागरूक होना चाहिए, नारी होगी तो जीवन की प्रकिया निरंतर चलती रहेगी।

आज के समय पर बेटी, नारी, महिला की सुरक्षा, सम्मान, की बहुत जरुरत है ।

हमारे देश पर पढाई, पर विशेष ध्यान नही होता है, गाव पर बच्ची को नही पढायी जाती है, समाज के उच्च पद पर बैठे सदस्य भी ध्यान नही देते हैं ।

बेटी पढेगी तो आगे बढेगी।

आज आधुनिक भारतवर्ष पर लोग सोशल मीडिया के माध्यम से नारी सम्मान और सुरक्षा पर प्रचार प्रसार कि अत्यधिक आवश्यकता है ।

बेटी बचाओ,

महिला कंधे से कंधा मिलाकर देश के विभिन्न भागों पर अपनी सहभागिता दे रही है ।

राजनीति, खेल, देश सेवा, ग्रामीण विकास, आदि पद पर अपना और देश का नाम गौरवान्वित कर रही है ।

सभी को बहुत बधाई ।।।।